🌬️ Free 7-Day Breathwork Guide — Ancient pranayama delivered to your inbox. Get it free →

🌬️ हिन्दी में

नाड़ी शोधन प्राणायाम: वैकल्पिक नासिका श्वास की पूरी विधि

Nadi Shodhana Pranayama: Complete Guide in Hindi

✍️ Yogacharya R. Goswami 🗓 अप्रैल 2026
Yogacharya R. Goswami

✍️ लेखक

Yogacharya R. Goswami

प्राणायाम एवं विज्ञान भैरव तंत्र के आचार्य · 25+ वर्ष अनुभव · 1.8M+ साधक

नाड़ी शोधन — "नाड़ी" अर्थात ऊर्जा चैनल, "शोधन" अर्थात शुद्धि। यह ऊर्जा नाड़ियों को शुद्ध करने वाला प्राणायाम है।

इसे अनुलोम-विलोम भी कहते हैं। यह मन और शरीर में संतुलन बनाने का सबसे प्रभावशाली और सुरक्षित तरीका है।

नाड़ी शोधन कैसे करें: पूरी विधि

  1. बैठें: रीढ़ सीधी रखें। दाहिने हाथ को नासिका मुद्रा में लाएं: तर्जनी और मध्यमा को मोड़ें, अंगूठा और अनामिका उपयोग में आएंगे।
  2. दाहिनी नासिका बंद करें (अंगूठे से) और बाईं से धीरे-धीरे सांस अंदर लें — 4 तक गिनें।
  3. दोनों नासिका बंद करें — 4 तक रोकें (या जितना आरामदायक हो)।
  4. बाईं नासिका बंद करें (अनामिका से) और दाईं से धीरे-धीरे छोड़ें — 8 तक गिनें।
  5. अब दाईं से अंदर लें — 4 तक।
  6. दोनों बंद — 4 तक।
  7. बाईं से छोड़ें — 8 तक।
  8. यह एक चक्र पूरा हुआ। 10 चक्र से शुरू करें।

नाड़ी शोधन के फायदे

  • चिंता, तनाव, घबराहट में तुरंत राहत
  • मस्तिष्क के दोनों गोलार्ध संतुलित होते हैं
  • रक्तचाप सामान्य रहता है
  • एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है
  • नींद की गुणवत्ता में सुधार
  • हार्मोनल संतुलन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाड़ी शोधन और अनुलोम विलोम में क्या फर्क है?

दोनों लगभग एक ही हैं। अनुलोम-विलोम सरल है (बिना कुम्भक के), नाड़ी शोधन में सांस रोकना (कुम्भक) शामिल है। शुरुआती लोग अनुलोम-विलोम से शुरू करें।

क्या नाड़ी शोधन रोज करना चाहिए?

हाँ — रोज 10-15 मिनट नाड़ी शोधन एक महीने में जीवन बदल देता है। यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो चिंता, तनाव, या अनिद्रा से परेशान हैं।

🌬️ निःशुल्क 7-दिन प्राणायाम गाइड पाएं

Yogacharya की सम्पूर्ण शुरुआती मार्गदर्शिका — हर दिन एक नई प्राणायाम विधि, आपके ईमेल पर। पूर्णतः निःशुल्क।

🙏
Namaste!Enjoy the teachings.
Scroll to Top